Love Poetry In Hindi | Hindi Poetry

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Love Poetry Hindi- तुमसे प्यार करता हूं

Love poetry in hindi

एक आईना मैं सुबह शाम देखता हूं
जिसमें तुम्हें मैं अपने पास देखता हूं
दरवाजों से अब ऐतराज है मुझे
खिड़कियों से ही वो चांद देखता हूं
दिन में याद तुम्हें न जाने कितनी बार करता हूं
तुमसे ज्यादा, अब मैं तुमसे प्यार करता हूं

बिन तुम्हारे वो खूबसूरत लम्हा बेकार है
मेरी खुशियों को तुम्हारा ही इंतजार है
अब सबकुछ मेरा तुम ही हो
फिर मार दो मुझे अगर तुम्हें इंकार है
खुद से ज्यादा तुम पर एतबार करता हूं
तुमसे ज्यादा, अब मैं तुमसे प्यार करता हूं

मेरी एहसासों को कुछ एहसास होता है
जब वो गुजरा लम्हा मेरे साथ होता है
दिल में जगह किसी खुदा की थी
पर अब वही खुदा तुम्हारे बाद होता है
तुम्हें दिखा के खुद को बेकरार करता हूं
तुमसे ज्यादा, अब मैं तुमसे प्यार करता हूं

थोड़ी खबर ले लो इस बेखबर की
हालत बुरी है मेरे इस शहर की
यहां ठीक से कुछ दिखाई नहीं दे रहा
मुझे जरूरत है तुम्हारी नजर की
सबकुछ छोड़ के तुम्हारा इंतजार करता हूं
तुमसे ज्यादा, अब मैं तुमसे प्यार करता हूं

तुम्हें ये एहसास भी नहीं है

Love Poetry In Hindi

किसी और के करीब नहीं जाता है
एक तुम्हीं पे प्यार आता है
कोई मोहब्बत का नाम लेता है
तो तुम्हारा ही ख्याल आता है
अपनों से ज्यादा, मैं तुम पर ऐतबार करता हूं
तुम्हें ये एहसास भी नहीं है
के मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं

आंखों से प्यार छलक जाता है
जब तुम्हारी याद आती है
किसी से कुछ कह नहीं पाता
जब होठों पे तुम्हारी बात आती है
ना चाहती हुए भी, तुम्हारा इंतजार करता हूं
तुम्हें ये एहसास भी नहीं है
के मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं

अपना प्यार साबित करने के लिए
मैं इस जमाने से लड़ रहा हूं
फिर तुम हाथ क्यों छुड़ा रहे हो
मैं जब तुम्हारा हाथ पकड़ रहा हूँ
तुम्हारी यादों को ओढ़ता हूँ
और अपनी रातों को बेकरार करता हूं
तुम्हें ये एहसास भी नहीं है
के मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं

जब कोई नहीं होता है
तो तुम्हीं मेरे साथ होती हो
मैं तुम्हारे ही खयालों में रहता हूँ
तुम्हीं मेरा ख्वाब होती हो
एक तुम्हारी इबादत,
न जाने मैं कितनी बार करता हूं
तुम्हें ये एहसास भी नहीं है
के मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं

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Love Hindi Poetry – वो मेरी जिंदगी है

Love poetry in hindi

मेरे जीने की वो आस है
इस जहां में वही सबसे खास है
खुशियों की तलाश मै कहीं और नहीं करता
मुझे पता है, मेरी खुशियां उसी के पास है
हर मोड़ पे मुझे उसकी जरूरत है
वो मेरी जिंदगी है,जो बहुत ही खूबसूरत है

रात भर उसकी तस्वीरों से बात करता हूँ
फिर अपनी बेचैनियों से कुछ सवाल करता हूँ
इन साँसों को भी उसकी जरूरत महसूस होती है
जब भी मैं उसके चेहरे पे ये हाथ रखता हूँ
मेरे दिलो दिमाग में बस उसी की सूरत है
वो मेरी जिंदगी है, जो बहुत ही खूबसूरत है

मन करता है उससे बेहिसाब प्यार कर लूँ
उसकी मुस्कुराहटों को इन आंखों में भर लूँ
अपनी आदतों को उसका गुलाम बना के
उसे अपनी बाहों में मैं गिरफ्तार कर लूँ
चाहतों से बनी हुई वो एक मूरत है
वो मेरी जिंदगी है, जो बहुत ही खूबसूरत है

खूबसूरती की वो एक पूरी किताब है
मेरे किस्सों में वो लाजवाब है
तन्हाइयों से मैं अब बात नहीं करता
मेरी खामोशियों का वही एक जवाब है
खुशियों से भरी हुई वो कुदरत है
वो मेरी जिंदगी है, जो बहुत ही खूबसूरत है

मेरे कुछ सवालों को अब जवाब चाहिए
मुझे उसके हाथों से एक गुलाब चाहिए
यूँ तसव्वुर मै उसका कब तक करू
मुझे मेरे हाथों में अब उसका हाथ चाहिए
इन धड़कनों को भी उसकी जरूरत है
वो मेरी जिंदगी है, जो बहुत ही खूबसूरत है

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Love Poetry In Hindi – उन्हें नहीं पता

Love poetry in hindi

नजदीकियाँ अभी बहुत दूर है
चाहते फसलों से मजबूर है
मैं उनसे मिलने जा नहीं सकता
उनका घर मेरे घर से थोड़ा दूर है
कभी वो मुझे नजर आते हैं
तो इस दिल पर अपने हाथ रखता हूँ
उन्हें नहीं पता, के मैं उनसे प्यार करता हूँ

उनकी खूबसूरती मुझे परेशान करती हैं
मैं चुप रहता हूँ, वो सवाल करती है
वो काँटा भी अब मुझे फूल लगता है
मैं रंग गया हूँ वो मुझे गुलाल लगती है
जब उनसे बातें करने का मन होता है
तब तस्वीरों से उनकी बात करता हूँ
उन्हें नहीं पता, के मैं उनसे प्यार करता हूँ

वो गाती नहीं है पर सुरीली लगती है
मै बोलता हूँ वो मेरी बोली लगती है
जिस दिन उसपे गुस्सा आना होता है
उस दिन वो सबसे भोली लगती है
बाकि सब कुछ भूल जाता हूँ
जब भी उन्हें याद करता हूँ
उन्हें नहीं पता, के मैं उससे प्यार करता हूँ

लबों पे हसीं मेरे आती है
उनकी आंखें जब-जब मुस्कुराती है
कोई और नाजारा फिर मुझे पसंद नहीं आता
जब वो अपने बारे में कुछ बताती है
मैं अपने गमों को भूल गया हूँ
अब उनके लिए प्यार लिखता हूँ
उन्हें नहीं पता, के मैं उनसे प्यार करता हूँ

वो खुद को जाने मुझे भी अपना माने
यही एक ख्वाहिश मन में लगे हैं आने
रातों को मैं जल्दी सो नहीं पाता
काश वो सुबह मुझे आयें जगाने
इजहार करने पे उनकी “हाँ” होगी या “ना”
ऐसे ही सवालों से खुद को परेशान करता हूँ
उन्हें नहीं पता, के मैं उनसे प्यार करता हूँ
—-Love Poetry In Hindi—

Hindi Poetry On Love – उसे बता दूँ क्या

Love poetry in hindi

वो मेरी आँखों में बस्ती है
जो सबकुछ इशारों में कहती है
लबों पे मेरे मुस्कान आ जाता है
जब भी कभी वो हँसती है
चेहरे पे जब गुस्सा लाती है
तब वो छोटी बच्ची लगती है
उसे बता दूँ क्या, वो मुझे कितनी अच्छी लगती है..

वो सजा में मिले तो गुनाह भी कर लूँ
खामोशियों में रह के उससे बात भी कर लूँ
किसी के पूछने पे उसे मै अपना बताऊँ
जो उसका नाम ले उससे दो-दो हाँथ कर लूँ
नहीं जनता हूँ के वो कैसी है
पर मुझे सच्ची लगती है
उसे बता दूँ क्या, वो मुझे कितनी अच्छी लगती है..

उसके संग जो लम्हा गुजारा है
अब वो मेरे जीने का सहारा है
कैसे कह दूँ के प्यार एक सजा है
जब उसकी मोहब्बत ने मुझे सवारा है
वो प्यार मोहब्बत से अनजान है
दिमाग की भी थोड़ी कच्ची लगती है
उसे बता दूँ क्या के वो मुझे कितनी अच्छी लगती है..

Love Hindi Kavita- कब मुलाक़ात होगी

Love poetry in hindi

जो मोहब्बत होंठो से बयां ना हुई,
अब वो फासलों से और बढ़ गई
जिन लम्हों को खुल के जिया था,
वो महज याद बनके सीने में गड़ गई
फिर कभी दूरियां ना हो
जब कभी मोहब्बत की शुरुआत होगी
मिलना तो तुमसे चाहते हैं
पर ना जाने कब मुलाक़ात होगी

मेरी बातों में तुम्हारी बातें
मेरे ख्वाबों में तुम्हारे ख्वाब हैं
कभी जो लम्हें तुम्हारे साथ बिताए थे
वो लम्हें आज भी लाजवाब हैं
नाम मेरा भी आएगा
जब कभी तुम्हारी बात होगी
मिलना तो तुमसे चाहते हैं
पर ना जाने कब मुलाक़ात होगी

जब कभी तन्हाईयाँ घेरती हैं
बस एक तुम्हारा पता पूछते हैं
जिन खुशियाँ से हमारा वास्ता है
उन्हें तुम्हारे चेहरे पे ढूंढ़ते हैं
हमें दूर से देखने वाली खुशियाँ
देखना एक दिन हमारे साथ होगी
मिलना तो तुमसे हम चाहते हैं
पर ना जाने कब मुलाक़ात होगी

जो ख्वाब तुमसे जुड़े हैं
उन्हें संभाल के मेरी आँखें रखती हैं
नींद मुझे कब आती है
ये तुम्हें मेरी रातें ही बता सकती हैं
वो सवेरे खिल उठेंगे
जब वो हसीं रात होगी
मिलना तो तुमसे चाहते हैं
पर ना जाने कब मुलाक़ात होगी

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Hindi Poetry – मैं तुझसे कितना प्यार करूं

मेरी यादों को तुम ओढ लो
तुम्हारी यादों से मैं बात करता हूं
इन आंखों को तुम्हें दिखा के
खुद को यूँ ही परेशान करता हूं
मिन्नते मैं तुम्हारी कितनी बार करूँ
अब तुम ही बताओ, मैं तुझसे कितना प्यार करूं

सोने जाता हूं तो ख्वाबों में आती हो
देखो अब तुम मुझे कितना सताती हो
तब तक मैं आंखें खोल नहीं सकता
जब तक इन आंखों को तुम नजर आती हो
किनारे पे तुम मिलो तो हर दरिया पार करूँ
अब तुम ही बताओ, मैं तुझसे कितना प्यार करूं

मैं उन्हें साथ देखता हूं
तो तुम्हारा ख्याल आ जाता है
बाहों में बाहें वो डालते हैं
और मुझे तुम पर प्यार आ जाता है
उन्हें देख के खुद को कब तक बेकरार करूँ
अब तुम ही बताओ, मैं तुझसे कितना प्यार करूं

किसी और की मुझे जरूरत नहीं
एक तुम ही ही मेरा यार हो
मैं जिसे अपना बना लूँ
वो बस तुम्हारा ही प्यार हो
तुम्हारे लिए मैं और कितना इंतजार करूं
अब तुम ही बताओ, मैं तुझसे कितना प्यार करूं

तुमसे सच्ची मोहब्बत करके
मैं जीना सीख गया हूं
ना कोई मेरे करीब आया
ना मैं किसी और की करीब गया हूं
तुम पे ना करूँ तो किस पे एतबार करूं
अब तुम ही बताओ, मैं तुझसे कितना प्यार करूं

Love Poetry- खूबसूरत तो हमारी ये कहानी है

उसे सोचता हूँ तो मुझे नींद नहीं आती
डर लगता है जब वो कुछ नहीं बताती
उसकी आँखों में प्यार मुझे भी दिखता है
पर समझना मुझे ही है क्यूँकि वो कुछ नहीं बताती
मै पहना ना सका पर उसके गले में मेरी निशानी है
हमारे सपनों से ज्यादा खूबसूरत तो हमारी ये कहानी है

मिलना चाहता हूँ, मिल नहीं पा रहा हूँ
ये दूरियाँ मैं अब और सह नहीं पा रहा हूँ
उससे दूर जाने कि जब कोशिश करता हूँ
तो ज्यादा दूर मैं जा नहीं पा रहा हूँ
उसके लिए मैं पागल हूँ, वो मेरे लिए दीवानी है
हमारे सपनों से ज्यादा खूबसूरत तो हमारी ये कहानी है

खुद से ज्यादा उससे प्यार करता हूँ
कभी करता हूँ तो उसी से इजहार करता हूँ
वो जिंदगी जीने का मुझे सलीका सिखा रही है
जिसे ये रिश्ता पसंद नहीं, अब उसका हिसाब करता हूँ
उसकी बातें सुनता हूँ तो लगता है, वो बहुत पुरानी है
हमारे सपनों से ज्यादा खूबसूरत तो हमारी ये कहानी है
( Love Poetry In Hindi )

एक दिन उसे सबसे मिलवाएंगे
जो सपनें देखें हैं उन्हें हकीकत बनाएंगे
मै अगर अभी उसका नाम लूँगा
तो मेरे अपने भी मुझसे रूठ जाएंगे
उसे बताना चाहता हूँ के मेंहदी उसे मेरे नाम की लगानी है
हमारे सपनों से ज्यादा खूबसूरत तो हमारी ये कहानी है

उसे हमेशा अपने करीब रखना चाहता हूँ
अपने हिस्से की खुशियाँ उसे दिलवाना चाहता हूँ
इससे पहले मेरी एक और ख्वाहिश है
एक बार उसके गले लग के जी भर के रोना चाहता हूँ
बंधन के उन रिवाजों को मुझे उसके साथ निभानी है
हमारे सपनों से ज्यादा खूबसूरत तो हमारी ये कहानी है

Shayari Love Poem – तुम्ही को चाहूंगा

जब कोई खूबसूरत मंजर देखना चाहूं
इन आंखों से मैं तुम्हें देख लेता हूं
मन में जब भी कोई सवाल आता है
तुम्हारी तरफ से खुद को ही जवाब देता हूं
छोड़ के अकेला तुम्हें और कहां जाऊंगा
जब तक मेरी सांसे चलेंगी
मैं सिर्फ तुम्हीं को चाहूंगा

बार-बार मेरे ख्वाबों में आके तुम
मेरे करीब होने का एहसास दिलाती हो
मेरे सारे सपने तुम्हीं से जुड़े हैं
फिर क्यूँ तुम मुझे इतना सताती हो
मैं कहीं भी रहूं हर जगह तुम्हें ही पाऊंगा
तुम मुझे चाहो या ना चाहो
पर मैं सिर्फ तुम्हीं को चाहूंगा

बगैर तुम्हारे मुझे जीना नहीं आता
और ना ही मैं जीना चाहता हूं
सुबह जब भी मेरी आंखों खुले
मैं सिर्फ तुम्हीं को देखना चाहता हूं
देखना एक दिन तुम्हें तुमसे लेने आऊंगा
मेरी सांसों में तुम्हीं बसी हो
और मैं सिर्फ तुम्हीं को चाहूँगा

अपनी तरफ से तुम भी कोशिश करना
के ये चाहते थोड़ी और बढ़ जाए
कभी मेहंदी मेरे नाम की लगा के देखना
क्या पता तुम्हारे हाथों पर छड़ जाए
ऐसी हजारों बातें तुम्हें बताने आऊंगा
जब तक मेरी सांसे चलेंगी
मैं सिर्फ तुम्हीं हो चाहूँगा

तुमसा कुछ आस-पास होता है

कोई एक वजह तो हो नहीं सकती
तुमसे इतना प्यार करने के लिए
आज भी मैं तुम्हारा इंतजार करता हूं
सिर्फ तुम्हारे साथ चलने के लिए
उस पल को मैं कैसे मना लूं
जो तुम्हारे बगैर उदास होता है
मैं तो अकेला होता ही नहीं हूं
हमेशा तुमसा कुछ आस-पास होता है

कभी वक्त बिताए थे तुम्हारे साथ
तो वो वक्त अब मेरे साथ रहते हैं
किसी और से फिर मैं क्या मांगू
मेरे हाथों में जब तुम्हारे हाथ रहते हैं
किसी लम्हे को खुल के जीना चाहूँ
कहां कोई लम्हा इतना खास होता है
मैं तो अकेला होता ही नहीं हूं
हमेशा तुमसा कुछ आस-पास होता है

मुझे अपना प्यार जताने के लिए
कुछ लब्ज तुमसे उधार लेने पड़ते हैं
जब हम एक-दूसरे से मोहब्बत करते हैं
फिर खामखां किस बात पे लड़ते हैं
सबसे पहले खयाल तुम्हारा आता है
सुबह का जब मुझे आभास होता है
मैं तो अकेला होता ही नहीं हूं
हमेशा तुमसा कुछ आस-पास होता है

खुद को बदलने की कोशिश करता हूं
तो आदतें बदले से इंकार करती हैं
दिन किसी तरह गुजर जातें हैं
पर ये रातें जल्दी नहीं गुजरती हैं
न जाने ये कैसा अहसास है
जो हर रोज अहसास होता है
मैं तो अकेला होता ही नहीं हूं
हमेशा तुमसा कुछ आस-पास होता है
—— Love Poetry In Hindi —–

Hindi Love Poem – अलग नहीं होंगे

Love poetry in hindi

हमारे बीच कभी कोई ना आए
अपनी चाहतों को हम इतना वक्त देंगे
जिसमें नाम हमारा शामिल हो
कोई ऐसा एक नाम रख लेंगे
मिलके एक छत बनाएँगे
जब कभी मौसम सही नहीं होंगे
हम आपस में लड़ लेंगे
पर एक दूसरे से कभी अलग नहीं होंगे

जबसे ये फ़ासले बढे हैं
खुद को मैंने सिर्फ दर्द दिया है
जो कभी मेरे नाम हुआ करता था
सब तुम्हारे नाम कर दिया है
एक-दूसरे को महसूस कर सकें
जब हम रूबरू नहीं होंगे
हम आपस में लड़ लेंगे
पर एक दूसरे से कभी अलग नहीं होंगे

वो वक्त वहीं रुक जाया करे
जब मैं तुम्हारे साथ वक्त गुजारूं
प्यार से तुम मेरी आँखों में देखो
और मैं तुम्हारी जुल्फों को सवारुं
जो खुशियों में न बदली जा सके
वो गम हमारे नहीं होंगे
हम आपस में लड़ लेंगे
पर एक दूसरे से कभी अलग नहीं होंगे

जब भी कभी धूप आएगी
अपनी चाहतों से उसे ढक लिया करेंगे
जिन ख्वाबों में हम साथ न हों
खुद से उन्हें अलग कर दिया करेंगे
नसीब हमारा, हमारे साथ हो
जब हम साथ नहीं होंगे
हम आपस में लड़ लेंगे
पर एक दूसरे से कभी अलग नहीं होंगे

अपने गमों से हम खुशियाँ बनाएँगे
पर खुशियों को गमों के खिलाफ रखेंगे
दूरियां हमारे बीच कभी जगह ना बनाए
नजदीकियों को हम इतने पास रखेंगे
हमारी मोहब्बत को जो सलाह दे
वो हमारी जिंदगी में नहीं होंगे
हम आपस में लड़ लेंगे
पर एक दूसरे से कभी अलग नहीं होंगे
—-Love Poetry In Hindi —-

जितनी मोहब्बत मैं तुमसे करने लगा हूं

तुम्हारी एक झलक से ही
मेरे दिल की दड़कने तेज हो जाती है
फिर जब भी तुम्हें ठहर के देखता हूं
चहेरे पे एक अलग सी मुस्कान आ जाती है
यूँ जब भी तुम्हें देखूंगा, मुझे तुम पे प्यार आएगा
जितनी मोहब्बत मैं तुमसे करने लगा हूं
उतनी अब तुमसे कोई और नहीं कर पाएगा

नाराजगी तुमसे ठीक कर लेता हूं
बस प्यार तुमपे ज्यादा आता है
कंधे पे मेरे तुमने अपना सर रखा है
यही एक लम्हा मुझे हर बार याद आता है
आने वाला लम्हा भी तुम्हारे साथ ही जीना चाहेगा
जितनी मोहब्बत मैं तुमसे करने लगा हूं
उतनी अब तुमसे कोई और नहीं कर पाएगा

जब तक हम मिल के नहीं भरेंगे
हमारी चाहतों का रंग सादा है
मानता हूं तुम्हें भी मुझसे प्यार है
लेकिन मुझे तुमसे ज्यादा है
जिक्र मेरा भी होगा ना, जहां नाम तुम्हारा आएगा
जितनी मोहब्बत मैं तुमसे करने लगा हूं
उतनी अब तुमसे कोई और नहीं कर पाएगा

मेरी लकीरें तुम्हारा हाथ है
बगैर तुम्हारे उजालों में भी रात है
होठों पे मेरे तुम रहते हो
तुम्हारे होठों पे कौन सी खास बात है
मैं जहां भी जाऊं, दिल मेरा तुम्हीं को पाएगा
जितनी मोहब्बत मैं तुमसे करने लगा हूं
उतनी अब तुमसे कोई और नहीं कर पाएगा

तुम्हारे होने से ही मेरे
सारे सपने पूरे होते हैं
खयाल तुम्हारा ही आता है
जब भी मेरे सवेरे होते हैं
मैं जैसा सोच रहा हूं, कहो ऐसा हो जाएगा
जितनी मोहब्बत मैं तुमसे करने लगा हूं
उतनी अब तुमसे कोई और नहीं कर पाएगा

मैं कैसे यकीन कर लूं

तन्हाइयों में अक्सर मेरे साथ रहते हो
खफा होता हूं तो सामने प्यार रखते हो
मेरी पसंद नापसंद, पसंद है तुम्हें
फिर मैं कैसे यकीन कर लूं
तुम किसी और से प्यार करते हो

ना मुझे किसी और का प्यार चाहिए
और ना ही किसी की सलाह चाहिए
जो मुझे तुमसे दूर जाने को मजबूर करे
मुझे ऐसा कुछ भी नहीं चाहिए
नाम से मेरे तुम अपना नाम रखते हो
फिर मैं कैसे यकीन कर लूं
तुम किसी और से प्यार करते हो

मैं तुम्हारा तुम मेरा हाल पूछो
जिनमें जिक्र तुम्हारा, वो खयाल पूछो
वो जवाब, जिसमें मेरी मोहब्बत आए
उससे जुड़ा हुआ मुझसे कोई सवाल पूछो
मेरी छोटी-बड़ी खुशियों की तुम खबर रखते हो
फिर मैं कैसे यकीन कर लूं
तुम किसी और से प्यार करते हो

बात बेसक हम नहीं करते हैं
लेकिन पल भर के लिए तुम्हारा साथ मिल जाता है
तुम कुछ देर मेरे साथ ऑनलाइन रहते हो
तो अपनेपन का अहसास मिल जाता है
तस्वीरों से मेरी तो तुम भी बात करते हो
फिर मैं कैसे यकीन कर लूं
तुम किसी और से प्यार करते हो

हमारे बीच आज जो दूरियां हैं
कल यही ना बिछड़ने की वजह होंगी
साथ हमारा जब कोई नहीं देखा
एक-दूसरेे के साथ हमारी वफ़ा होंगी
मिलने को मुझसे तुम भी बेक़रार रहते हो
फिर मैं कैसे यकीन कर लूं
तुम किसी और से प्यार करते हो

Love Kavita – अच्छा लग रहा है

सफर में हमसफर की कमी थी
तुम्हारे आने से वो कमी दूर हो गई
मेरी चाहतें दिल में छुपी रहती थीं
तुम्हारे लिए बाहर आने को मजबूर हो गईं
जो रिश्ता अभी जुड़ा ही नहीं
वो कितना सच्चा लग रहा है
तुम्हारे साथ मुझे जीना है
यही सोच के मुझे अच्छा लग रहा है

कल तक जीने की वजह ढूंढता था
अब जीने का मुझमें हुनर आया है
तुम ना होते तो शायद मैं डूब जाता
किनारा मेरे लिए तुम्हीं ने तो बनाया है
बातों से लगते पुराने हो
पर दिल तुम्हारा बच्चा लग रहा है
तुम्हारे साथ मुझे जीना है
यही सोच के मुझे अच्छा लग रहा है

ख्वाबों में तुमसे बात करता हूं
यादों को तुम्हारी याद करता हूं
खयालों में मेरे तुम्हारे निशां हैं
क्या कहूं तुमसे कितना प्यार करता हूं
मेरी ऐसी बातों से क्या
दिल मेरा तुम्हें कच्चा लग रहा है
तुम्हारे साथ मुझे जीना है
यही सोच के मुझे अच्छा लग रहा है

तुम्हारा मेरी खुशियों को अपने पास रखना
मेरे दिल को कितना सुकून देता है
जिन लम्हों को तुम्हारे साथ जीना चाहता हूं
वही मुझे आगे बढ़ने का जुनून देता है
हमारा ये रिश्ता शायद उन
फरिस्तों को भी सच्चा लग रहा है
तुम्हारे साथ मुझे जीना है
यही सोच के मुझे अच्छा लग रहा है

Hindi love Poetry- मोहब्बत के सिवा

तुम्हारे बिना मैंने आज तक
कभी कोई ख्वाब नहीं देखा
बाकी सब कुछ देखा है
बस तुम्हें अपने पास नहीं देखा
मुझे तुम्हारी ओर ले जाने वाला
हर एक रास्ता तो सही है
बस तुम्हें देने के लिए मेरे पास
अभी मोहब्बत के सिवा कुछ नहीं है

खुद से ज्यादा तुमसे प्यार करता हूं
तभी तो तुमसे बात-बात पर रुठता हूं
पर जब कभी नजर नहीं आते हो
तुम्हें यहां वहां फिर मैं ढूंढता हूं
तुम्हीं से मेरी सारी खुशियां हैं
तुम्हारे बगैर मुझे सुख नहीं है
बस तुम्हें देने के लिए मेरे पास
अभी मोहब्बत के सिवा कुछ नहीं है

खुद को भुला बैठता हूं
जब भी तुम्हारी यादों के साथ होता हूं
लोग मुझमें मुझको ढूंढते हैं
और मैं तुम्हारे पास होता हूं
तुमसे दूर रहना पड़ रहा है
इस बात का मुझे दुख नहीं है
बस तुम्हें देने के लिए मेरे पास
अभी मोहब्बत के सिवा कुछ नहीं है

सांसों के साथ-साथ मेरी
धड़कनों को भी कुछ हो जाता है
तुम्हें देखते-देखते जब ये
दिल मेरा तुम्हीं में खो जाता है
मैं तुम्हीं से जुड़ा हुआ हूं
कोई और मेरे करीब नहीं है
बस तुम्हें देने के लिए मेरे पास
अभी मोहब्बत के सिवा कुछ नहीं है

Love Poem- मेरा नाम पुकार दो

जब भी तुम्हें मैं याद करूं
बताओ तुमसे मिलने कहां आऊं
तन्हाईयां मुझे कहीं जाने नहीं देती
दो पल की खुशियां ढूंढने मैं कहां जाऊं
आकर मेरे गमों को मार दो
मुझे सीने से लगा के
बस एक बार मेरा नाम पुकार दो

सवालों से पीछा छुड़ाना चाहता हूं
तुम्हें मैं अपना बनाना चाहता हूं
पता है ये थोड़ा मुश्किल है
पर सपनों को हकीकत बनाना चाहता हूं
जिसमें मुझे तुम मिलो सुबह वो अखबार दो
मेरे लबों पे प्यार देके
बस एक बार मेरा नाम पुकार दो

तुम्हारे बिना बहुत गुजारें हैं दिन
अब तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं
सुबह जब मेरी आंख खुले
तुम्हें अपने पास देखना चाहता हूं
मुझमें मैं ना रहूं इतना मुझे प्यार दो
मेरी दहलीज पर कदम रखके
बस एक बार मेरा नाम पुकार दो

ये दिल नहीं सुन रहा मेरी
तुम्हारी चाहत के लिए फरमान करता है
जिस दिन तुम्हें ना देखूं
फिर पूरा दिन मुझे परेशान करता है
आगे इसे इसके हिस्से का प्यार दो
मेरी तस्वीर से हाथ रखके
बस एक बार मेरा नाम पुकार दो

—– Love Poetry In Hindi ——


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