Romantic Ghazal in Hindi | रोमांटिक गजल हिंदी में

Spread the love

In this page you will read few Romantic Ghazal ,  romantic love ghazal, New Ghazal etc…

Romantic Ghazal -मेरे हो जाओ तुम

Romantic Ghazal in hindi

मेरे हो जाओ तुम, तुम्हें बेइंतहा प्यार करूंगा
जिस दिन तुमसे रूठूँगा,खुद से बात नहीं करूंगा

गुनाह भी कर लूंगा, गुनहगार भी बन जाऊंगा
एक तुम्हारे बगैर जीऊंगा, तो शायद मैं मर जाऊंगा

गमों को मैं ले लूंगा, खुशियों से तुम्हें मिलवाऊँगा
सारी रहमते छोड़ के, एक तुम्हें जन्नत बनाऊँगा

हाथों में किताब होगी,चेहरा तुम्हारा पड़ जाऊंगा
तुम जाने को कहोगे, तब भी कहीं न जाऊंगा

आंखों में जो सपने हैं, तुम्हें उन सपनों से मिलवाऊँगा
खुदा मेरी एक मर्जी पूछेगा, तो तुम्हें अपना बनाना चाहूंगा

जब भी मुझे तुम याद करोगे, मैं हाजिर हो जाऊंगा
बीना बात के जो रूठ गए, तब भी तुम्हें मनाऊँगा

इसे भी पढ़े-
Love Ghazal
Love Poetry
Poetry On Life

Romantic Ghazal – तुम्हारे ख्वाब देखता हूं

Romantic Ghazal In Hindi

मैं अपनी इन आंखों में, सिर्फ तुम्हारे ख्वाब रखता हूं
मुझे सुकून देती हैं, तुम्हारी जो तस्वीरें अपने पास रखता हूं

बातों ही बातों में, तुम्हारी बातें होठों पर आ जाती है
जो लम्हा गुजारा था कभी, उसे मैं अपने साथ रखता हूं

तुम्हारी यादें हैं मेरे पास, तुम्हारे खयालों के साथ जीता हूं
एक दिन तुम मुझसे मिलने आओगी, यही आस रखता हूं

जमाने की इस भीड़ में, मैं जब कहीं खो जाता हूं
तब याद तुम्हारी आती है, और दिल पे मैं अपने हाथ रखता हूं

Romantic Ghazal – हां मैंने गलती की है

Sorry ghazal

हां मैंने गलती की है, फिर ऐसी गलती नहीं करूँगा
तुम्हारी कसम है मुझे, मैं मोहब्बत किसी और से नहीं करूँगा

खफा हो जो तुम मुझसे, मैं फिर खुद से खफा हो जाऊंगा
जिस दुआ में तुम शामिल ना हो, उन्हें मैं खयालों मे नहीं लाऊंगा

तुम्हारा हर किस्सा मेरा है, अपना हर किस्सा मैं तुम्हारा बनाऊंगा
हाथ तुम्हारा छोड़ के, मैं फिर कहीं और नहीं जाऊंगा

कोई मेरे बारे में पूछेगा, तो मै नाम तुम्हारा बताऊंगा
तुम ही मेरा सब कुछ हो, तुम्हें खोकर मैं क्या पाऊंगा

साथ जो तुमने दिया है मेरा, तो साथ तुम्हारा ना छोडूंगा
तुम्हारे गमों को तुमसे दूर करके, तुम्हें अपनी खुशियों से जोड़ूंगा

वो वादे जो अधूरे हैं, उन सब को फिर से जाऊंगा
तुम अगर मुझे ना मिली, तो अधूरा ही रह जाऊँगा

Love Ghazal – दूर हो जाएंगी दूरियां

दूर हो जाएंगी दूरियां, तुम बस एक काम कर लो
ठहर जाओ थोड़ी देर और मेरी बाहों में सांस ले लो

इस खूबसूरत लम्हे का, मुझे बरसों से इंतजार था
मेरे कंधो पे सर रख के, अब तुम मेरी जान ले लो

रातों को नींद नहीं आती, सुबह भी तुम्हारे नाम करता हूँ
कभी और नहीं जाता, चाहो तो मेरा हर एक ख्वाब ले लो

ये वक्त थम जाता है, तुमसे दूर होता हूँ तो चिढ़ाता है
बाकी सब कुछ तुम छोड़ दो, बस मेरा ये गुलाब ले लो

Ghazal – तुम मेरे कितना करीब हो

तुम मेरे कितना करीब हो, किसी और को बता नहीं सकता
बाहें मेरी तड़प रही हैं, क्या मैं तुम्हें गले लगा नहीं सकता

दिल मेरा खुश हो जाता है, तुम्हारी तस्वीरों से बात करके
जब मुझे तुम पे प्यार आए, क्या मैं तुमसे जता नहीं सकता

जब भी मैं कोई ख्वाब देखता हूं, तुम्हें भी उनके साथ देखता हूं
ये दिल मेरा तड़प रहा है, क्या मैं तुम्हें धड़कन बना नहीं सकता

तुमसे मैं बात कर नहीं पाता, वो एक तुम्ही से बात करते हैं
तुम्हें सब से दूर करके, क्या इस दिल में छुपा नहीं सकता

तुम्हारे साथ गुजारा हर लम्हा, मेरी आंखों के सामने रहता है
मेरी खुशियां तुमसे जुडी हैं, तुम्हारी खुशियों में क्या मैं हो नहीं सकता

तुम्हीं मेरी जिंदगी हो, सिर्फ तुम्हीं से मैंने मोहब्बत की है
मुझे तुमपे कितना प्यार आता है, क्या मैं तुम्हें बता नहीं सकता

Romantic Ghazal – मेरी चाहतों में

मेरी चाहतों में तुम हो, तुम्हारे होने से हम हैं
पास तुम हो नहीं, इसी बात का तो गम है

ना जाने कब मुलाकात होगी, ना जाने कब हसीं रात होगी
वो दो लोग जो साथ में हैं, लग रहा है जैसे वो हम हैं

तुम्हारी यादों को भुला ना सका, प्यार आया तो जता न सका
दिल में दर्द उतना ही है, बस अब खुशियां थोड़ी कम है

तुम्हारा प्यार कहीं कम ना हो, इसी बात का डर है
जो तुम्हें पूरी शिद्दत से प्यार करे, वो बस एक हम हैं

Romantic Ghazal – मेरी बात मानोगे

मैंने तुम्हारी हर बात मानी है,क्या तुम मेरी एक बात मानोगे
मुझे अपना बना लो ना, यूँ कब तक कहीं और बुलाओगे

तुम्हें चाहते तो बहुत हैं, बस बता नहीं पाते हैं
अगर मैं इशारा करूं, तो क्या तुम समझ जाओगे

मेरे नसीब में क्या है, ये तो मुझे नहीं पता
पर लकीरों में मेरी, क्या अपना नाम लिखना चाहोगे

मुझे तुम्हारे साथ रहना है , तुम्हारे बगैर नहीं रहना
मैं बादल बनना चाहतों हूं , तुम बरखा बनना चाहोगे

तुम क्या लगते हो मेरे, ये तुम्हें मैं बता ना सका
ख़मोशियाँ मेरी, जो कह रही हैं, क्या तुम सुनना चाहोगे

Romantic Ghazal – Mil Ja Mujhe

मिल जा मुझे, मैं तुझमें खो जाऊँ
न हो के भी, मैं तेरा हो जाऊँ।

ख़तम हो जाए, हर लम्हा इंतज़ार का
तू मेरी चाँदनी, मैं तेरा चाँद बन जाऊँ।

सामने मिले, सुबह जब मेरी आँख खुले
दिन तू मेरा, मैं शाम बनके तुझमें ढल जाऊँ।

डूबने लगूँ, तो सहारा मेरा तू हो
काँधे पे सर रख, जिसके मैं सो जाऊँ।

ख़फ़ा भी हो, तो दूजे पल मना ले
मैं खुद को जब ढूँढू, हमेशा तुझमें पाऊँ।

तन्हाइयाँ जब कभी मेरे हाथ लगे
मेरे हाथों में हाथ, हमेशा तेरा पाऊँ।

ना कभी तू जाना कहीं मुझे छोड़ के
तेरे बिन कहीं मैं मर न जाऊँ


Spread the love

Leave a Comment