Sad Poetry In Hindi | Sad Hindi Poem | दुःख कविता

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जो मेरे अपनों में आते हैं

जब मोहब्बत सच्ची होती है
तो  दूरियां भी चाहतों के हक़ में हो जाती हैं
और जब मोहब्बत बस एक दिखावा होती है
तो नजदीकियों में भी दरारें पड़ ही जाती हैं
मैं चाहता हूं, वो भी मेरा होके रहे
जिसका मैं होना चाहता हूं
जो मेरे अपनों में आते हैं
मैं सिर्फ उन्हें नहीं खोना चाहता हूं

किसी के साथ वक्त बिताना होगा
उसके साथ बिताए लम्हों को पास बुला लूंगा
जिनकी यादों में मैं शामिल नहीं हूं
एक न एक दिन मैं भी उन्हें भुला दूंगा
खुशियाँ मेरी उनकी होंगी
उनके गमों में मैं शामिल होना चाहता हूं
जो मेरे अपनों में आते हैं
मैं सिर्फ उन्हें नहीं खोना चाहता हूं

किसी रिश्ते को बचा सकूँ
ऐसी कुछ खूबियों को पास रखा है मैंने
क्यूँकि चंद पैसों के लिए लोगों को
रिश्तों का गला घोटते हुए देखा है मैंने
चहेरे पे उनके उदासी के नहीं
हसीं के बीज बोना चाहता हूं
जो मेरे अपनों में आते हैं
मैं सिर्फ उन्हें नहीं खोना चाहता हूं

अपने आप में अगर जीने लगो
तो लोग मन में कोई गलतफहमी पाल लेते हैं
उन्हीं लोगों के साथ ज्यादा खुल मिल जाओ
जो गिरेबान पे हाथ डाल देते हैं
जो मेरे साथ जैसा है
उसके साथ अब मैं भी वैसा होना चाहता हूं
जो मेरे अपनों में आते हैं
मैं सिर्फ उन्हें नहीं खोना चाहता हूं

Hindi Sad Poetry – क्या पता

अच्छा और बुरा वक्त सबके पास आएगा
किसी से आज, किसी से कल हाथ मिलाएगा
अच्छा वक्त सबके साथ हमें जीना सिखाता है
और बुरा वक्त, अपनों में गैरों की पहचान कराएगा
मैं अपनी तकलीफों से खुद को निकाल लूंगा
नहीं चाहता कोई और मेरे करीब आए
आज जो लम्हा मेरा, मेरे खिलाफ है
क्या पता, वो कल मेरे हक़ में आ जाए

मेरी ज़िन्दगी, मुझे कहीं ठहरने नहीं देती है
बस अपने आके पीछे मुझे घुमा रही है
साँस लेता हूँ, तो साँसे चुभती हैं
न जाने किस गलती की सजा दे रही है
जी रहा हूँ इस उम्मीद में मैं
के शायद मेरा कल बदल जाए
अपने गमों से साथ इस लिए रहता हूँ
क्या पता, इसके बाद खुशियाँ मुझे मिल जाए

लोग साथ रहते हैं, पर साथ नहीं देते
गिरती आशाओं को अपना हाथ नहीं देते
जिनका वक्त अच्छा है, ये उनके साथ हैं
वरना ये हिम्मत तोड़ते हैं, लड़ने को जज्बात नहीं देते
अब खुद को मैं अकेला ही रहता हूँ
ताकि किसी फरेबी का फरेब मुझ तक ना आए
और मुझसे मिलके जो बिछड़ना नहीं चाहते
क्या पता, वो एक दिन मुझ तक पहुंच जाए

Sad Poetry in Hindi- ख्वाहिशों के लिए

Sad Poetry In Hindi

ना जाने ये कैसा डर है
ना जीने देता है, ना मरने दे रहा है
ये वक्त भी मेरे खिलाफ हो गया है
मुझेसे हर एक नाता तोड़ रहा है
फिर भी मैं हार नहीं मानूंगा
अपने कदमों को आगे बढ़ाता रहूंगा
जब तक मेरी सांसो में जान है
मैं अपनी ख्वाहिशों के लिए लड़ता रहूंगा

कुछ भी मेरे हक में नहीं है
मेरा सब कुछ मुझसे दूर हो गया है
खुशियों की तलाश में निकला था मैं
तन्हा रहने को दिल मजबूर हो गया है
मंजिले कितनी भी ऊंची क्यों ना हो जाए
रोज एक-एक सीढ़ियां में चढ़ता रहूंगा
जब तक मेरी सांस में जान है
अपनी ख्वाहिशों के लिए लड़ता रहूंगा

मैं दूसरों के बताए रास्ते पर नहीं चलता
इस बात से दूसरों को तकलीफ होती है
मेरी गलतियां माफी के काबिल नहीं है
पर उनकी गलतियां जैसे शरीफ होती हैं
किसी की खातिर खुद को मैं नहीं बदल रहा
जैसा हूं वैसे ही सुबह शाम डालता रहूंगा
जब तक मेरी सांसों में जान है
मैं अपनी ख्वाहिशों के लिए लड़ता रहूंगा

ये अच्छा भी है के कोई साथ नहीं है
पीछे मुड़ कर देखने की कोई वजह नहीं है
अपनी कोशिशों को मैं आगे भी जारी रखूंगा
मैं कहीं रुक जाऊं, ऐसी कोई जगह नहीं है
जीने का हुनर नहीं सीख पाऊंगा
तो हर रोज मैं फिर डरता रहूंगा
जब तक मेरी सांसों में जान है
मैं अपनी ख्वाहिशों के लिए लड़ता रहूंगा

Sad poetry in hindi – सबक

Sad poetry in hindi

जिससे हम सच्ची मोहब्बत करते हैं
अक्सर वो इंसान हमें छोड़ जाते हैं
हर दुआ में बस उन्ही को मांगते हैं
शायद इसीलिए वो नाराज हो जाते हैं
मोहब्बत के नाम से फिर ये दिल जलता है
सच्ची मोहब्बत को बस सबक मिलता है

छुप के रोते हैं किसी को दिखा नहीं पाते
ऐसा दाग लगता है, जिसे मिटा नहीं पाते
अधूरी ख्वाहिशें फिर हमें चिढ़ाने लगती है
आदते उन्हीं की रहती है, दूसरी लगा नहीं पाते
पैरों के नीचे जमी नहीं रहती,
वो आसमां भी दिन में ढलता है
सच्ची मोहब्बत को बस सबक मिलता है

एक पत्थर पे वो अपना नाम लिख जाते हैं
जिसे खरोच सकते हैं पर मिटा नहीं पाते हैं
नाम आता है उनका, तो ये जान अटक जाती है
इस कदर खोते हैं, फिर खुद को ढूंढ नहीं पाते हैं
वो किसी और के साथ दिखते हैं
तो हर बार ये दिल छिलता है
सच्ची मोहब्बत को बस सबक मिलता है

सपने बिखर जाते हैं, जीने की आस नहीं मिलती
सब दूर हो जाते हैं,जिंदगी भी साथ नहीं चलती
खुश रहते नहीं हैं फिर भी मुस्कुराना पड़ता है
रोते हैं बहोत हैं पर आवाज़ नहीं निकलती
एक उन्हें छोड़कर हमारा सब कुछ जलता है
सच्ची मोहब्बत को बस सबक मिलता है

न जाने उसकी आंखों से आंसू क्यों नहीं गिरता है
मोहब्बत लेकर जो बदले में फरेब देता है
जिसे हमेशा हम खुश देखना चाहते हैं
वही हमारी खुशियों को जब समेट लेता है
कोई वजह ना होने के बाद भी, फिर वो हंसता है
सच्ची मोहब्बत को बस सबक मिलता है

Sad Love Poetry – अफसोस है

Love sad poetry in hindi

गम उसके पास आते थे
तो मुझे भी खलता था
उसे ही देखने का मन होता
सुबह जब आँख मलता था
अब खुद से खफा हूँ, न जाने किसका दोष है
वो मोहब्बत पूरी ना हो सकी
बस इसी बात का अफसोस है

कभी खुद से खफा होता था
तो कभी उसपे मलाल आता था
जब भी वो मुस्कुरा के मुझे देखती
फिर मैं भी सब भूल जाता था
अब ना खुश है, ना मुझे कोई होश है
वो मोहब्बत पूरी ना हो सकी
बस इसी बात का अफसोस है

हम चाहते तो कुछ और थे
साथ हमारे कुछ और हुआ
मिलने से पहले ही बिछड़ गए
वो ना मिलने वाला दौर हुआ
अब आंखें भरी हैं, चाहते भी खामोश हैं
वो मोहब्बत पूरी ना हो सकी
बस इसी बात का अफसोस है

हमारी नज़दीकियों के किस्से बहुत हैं
फिर न जाने इतनी दूरी कैसे हो गई
जो मेरे बगैर जीना नहीं चाहती थी
वो मेरे बगैर पूरी कैसे हो गई
अब दिमाग सदमें में हैं, दिल को ना होश है
वो मोहब्बत पूरी ना हो सकी
बस इसी बात का अफसोस है

Sad Poetry On life- रोना नहीं है

Sad poetry on life

तू सिर्फ खुद पर यकीन रख
हर दरिया पार कर जाएगा
अकेले चलने का हुनर सीख ले
खुद का साथ नहीं छोड़ पाएगा
कोई मिले या ना मिले
तुझे खुद को खोना नहीं है
ये जिंदगी तुझे रुलाएगी, पर रोना नहीं है

किस तरह जीना चाहता है तू
आंखें बंद करके याद किया कर
दूसरों से बातें करता है तू
कभी खुद से भी बात किया कर
खुद से पहले तुझे
किसी और का होना नहीं है
ये जिंदगी तुझे रुलाएगी पर रोना नहीं है

किसी को कुछ नहीं समझाना है
जो साथ है उसे साथ लेकर चलना है
जिस आग में जमाना जल रहा है
तुझे उस आग में नहीं जलता है
अपने ख्वाबों को बेचकर
तुझे सोना नहीं है
ये जिंदगी तुझे रुलाएगी पर रोना नहीं है

गमों को अपने साथ रख
खुशियों से भरा वो दिन भी आएगा
किसी और के हक का मत छीन
तेरे हक का तुझे मिल जाएगा
खुद को साफ रखना है
फरेब से हाथ धोना नहीं है
ये जिंदगी तुझे रुलाएगी पर रोना नहीं

Sad Poetry in hindi – दिल नहीं लगाएंगे

Love sad Poetry in hindi

उन्हें खुद से ज्यादा प्यार किया
जिंदगी में यही एक गुनाह किया
उनसे मैं हमेशा प्यार मांगता था
फिर उन्होंने मेरा हिसाब किया
अब वो जहां देखेंगे,
हम वहां से मुड़ जाएंगे
जो मिलेंगे उनसे मिल लेंगे
पर कभी किसी से दिल नहीं लगाएंगे

हमें सपने सजाने में वक्त लगता है
दूसरों को तोड़ने में कुछ नहीं लगता है
जब जरूरत पड़ेगी उन्हें भी रुलाएगी
एक प्यार ही है जिसका बाजार नहीं लगता है
खुशियाँ अब मिले या ना मिले, हमेशा मुस्कुराएंगे
जो हसना चाहेंगे उन्हें हँसा देंगे
पर कभी किसी से दिल नहीं लगाएंगे

सोचा जिंदगी में बस उन्हीं का नाम लूँ
दिमाग की ना सुनू दिल से काम लूँ
जिसे कभी सिर्फ प्यार देना चाहता थे
अब अच्छा नहीं लगेगा अगर उन्हीं से इंतकाम लूँ
थोड़ी दूर और चलेंगे तो वो सब समझ जाएंगे
हम यादों से अपनी आँखें भर लेंगे
पर कभी किसी से दिल नहीं लगाएंगे

उनकी खुशियों को और खुश करना चाहते थे
उनसे कितना प्यार करते हैं उन्हें बताना चाहते थे
जो पूछ रहे थे मुझसे उनके बारे में
उन सब को उनसे मिलवाना चाहते थे
जो ना भूलने का वादा करते हैं
वही सब भूल जाएंगे
हम भी किसी और के साथ रह लेंगे
पर कभी किसी से दिल नहीं लगाएंगे

बदले में मैं भी उनसे थोड़ा प्यार चाहता था
वो हमेशा सलामत रहे, यही एक दुआ मांगता था
कौन कितना सही है, मुझे ये तो पता नहीं था
मगर मेरा प्यार सच्चा है मैं ये जरूर जानता था
जो दिल से हंस नहीं सकते
वो किसी को क्या रुलायेंगे
सबसे दूर होके, हम अकेले रह लेंगे
पर कभी किसी से दिल नहीं लगाएंगे

 मैं भी बहुत रोया हूं

एक उन्हीं से मैं प्यार करता था
उन्हीं की यादों को याद करता था
जब भी हम मिल नहीं पाते थे
तब तस्वीरों से उनकी बात करता था
बेइंतहा प्यार करने के बाद उन्हें खोया हूँ
उनके जाने के बाद मैं भी बहुत रोया हूं

गुजरे लम्हे मुझे सोने नहीं देते
नींदे भी सोने से इंकार करती थी
वो सपना पूरा हो नहीं पाता था
जिन सपनों में, वो मुझसे प्यार करती थी
हर सुबह उनकी यादों से मुंह धोया हूं
उनके जाने के बाद मैं भी बहुत रोया हूं

अपनी खुशियों से बात ना करके
उनकी खुशियों का जिक्र करता था
मैं उस तरफ चला जाता था
जिस तरफ वो अपना मुंह करता था
खुशियों में अपने गमों का बीज बोया हूं
उनके जाने के बाद मैं भी बहुत रोया हूं

अपने ख्वाबों की तरफ ना देखा
मुझे उसके ख्वाबों को सजाना था
मैं तो मिलने के लिए तड़प रहा था
ना मिलने का उन्हीं का बहाना था
उन्हें किसी और के साथ देख चैन से ना सोया हूं
उनके जाने के बाद मैं भी बहुत रोया हूँ

 एक-दूसरे से हम ना मिले

यादें कहां अब मिटती हैं
परछाई की तरह साथ चलती है
ना देखे तुझे तो दम घुटता है
देखे तो ये सांसे चलती है
इस चाहत को मैं भूल जाऊं
उस रब से यही दुहाई है
एक दूसरे से हम ना मिले
अब इसी में दोनों की भलाई है

हर घड़ी तेरे साथ चलना
तेरे छूने से वो मेरा पिघलना
जब तू मेरा हाथ पकड़ ले
फिर औरों का वो मुझसे जलना
पूछना तो तुझसे चाहता था
के अब कहां गई वो खुदाई है
एक दूसरे से हम ना मिले
अब इसी में दोनों की भलाई है

पास तेरे जब आते थे
लबों से कुछ कह नहीं पाते थे
जिन दोस्तों के साथ मैं रहता था
फिर वो भी दूर हो जाते थे
किसी और के दरवाजे मैं जा ना सका
ये मेरी वफाई है
एक दूसरे से हम ना मिले
अब इसी में दोनों की भलाई है

कभी तेरा दिल ना खफा हो
जैसे मेरा मुझसे हुआ है
ना तू किसी से रुसवा हो
जैसे मेरा सबसे हुआ है
खुश रहना तो किसी और के संग
कल को होनी मेरी भी सगाई है
एक दूसरे से हम ना मिले
इसी में दोनों की भलाई है

कल तक

कल तक जिनसे मैं अन्जान था
आज वो मेरी जान बन बैठे हैं,
कभी जिनसे मैं सब कहता था
आज वही मेरा राज़ बन बैठे हैं।

कल तक जिनसे मैं भागता था
आज उन्हीं के साथ रहता हूँ,
तन्हाईयाँ जब मेरा दरवाज़ा खोलती हैं
मैं हमेशा उसे उन्हीं के साथ मिलता हूँ।

कल तक जो ‘हाय’ लिए फिरता था
आज उन्हें सुकून में गिनता हूँ,
अब जो पल थोड़े उदास होते हैं
उन्हें पैन पे उतारकर छोड़ देता हूँ।

कल तक मैं साए के पीछे भागता था
आज साया मेरे पीछे है
अब अच्छे से सम्भाल के रखता हूँ
ज़िंदगी से मैंने जो भी पाया है।

कल तक मैं किताबे पड़ता था
आज कल चहरे पढ़ रहा हूँ,
अब चहेरे ही सबकुछ बताते हैं
उनका बताया जहन में उतार लेता हूँ।

कल तक जो मुझे दिक्कारते थे
आज उन्हें अपनी प्रेरणा मानता हूँ,
अब जिस पल में ऐसा होता है
उस पल को ‘सुनहरा’ कहता हूँ।

कल तक मैं आंधिओं से परे था
आज उन्हें समझ पाया हूँ,
उड़ गए थे जो ख्याब मेरे
उन्हें मैं फिर समेट लाया हूँ।

कल तक कुछ न होने का अफ़सोस था
आज मन मस्त-मगन ही पाया हूँ,
ज़िंदगी को हँस के जीना है
यह बात अब सबको समझता हूँ।

कल तक चलने के लिए सहारा ढूंढ़ता था
आज किसी का सहारा बनना चाहता हूँ,
इस जहाँ में आधे मुर्दे चलते हैं
यह बात मैं अब समझ पाया हूँ।

—–Sad poetry in hindi —–


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